निजामुद्दीन मरकज में आने वाले लोग शाहीन बाग और सीएए विरोधी धरनों में होते थे शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में मौजूद हजारों लोगों की उपस्थिती को अब दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चल रहे सीएए विरोधी धरनों से जोड़ कर देखा जा रहा है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद एक युवक की पहचान भी की है। जो जमात के लिए आया था और अक्सर शाहीन बाग धरने में भी शामिल होता था। फिलहाल वह युवक अंडमान स्थित अपने घर लौट चुका है। सूत्रो की माने तो शाहीन बाग धरने में आने वाले तीन लोगों को भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था इसलिए यह आशंका और प्रबल हो जाती है। पलिस की जांच में सामने आया है कि अंडमान निकोबार का रहने वाला एक युवक जमात के लिए मरकज में आया था। जब पुलिस ने उस युवक की पहचान की तो सामने आया कि वह युवक सीएए विरोधी धरने अक्सर शामिल होता थाऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ये लोग शाहीन बाग, हौजरानी, निजामुद्दीन बस्ती, जामिया मिल्लिया इस्लामिया समेत दिल्ली अलग-अलग इलाकों में चल रहे सीएए विरोधी धरनों गए हों और वहां जानबूझकर लोगों को कोराना का संक्रमण दिया हो। सीएए के विरोध में निजामुद्दीन बस्ती में किए गए धरने के एक आयोजक ने बताया कि उन लोगों ने मरकज रहने वाले परिवारों व जमातियों से अनुरोध किया था कि वे लोग भी सीएए विरोधी धरने में शामिल हों। लेकिन उन लोगों ने यह कहकर मना कर दिया था कि तुम लोग धरना , हम लोग यहीं बैठकर दुआ करेंगे कि सीएए व एनआरसी वापस हो जाए। अब पुलिस धरने के दौरान वहां से सामने आए वीडियो को भी देखगी जिससे उसमे शामिल होने वाले जमात के लोगों की पहचान की AGAINST जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसे लोग जो जमात में आए थे और धरनों शामिल हए थे। उनकी पहचान हो जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देश में सबसे बड़े कोरोना वायरस हॉटस्पॉट के रूप में उभरे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित •NPR तब्लीगी जमात के मरकज में हुई बडी लापरवाही के मुख्य आरोपी मौलाना साद ने सख्ती के बाद यू-टर्न ले लिया है। पहले जहां मौलाना बीमारी से कुछ न बिगड़ने की बात और मस्जिदों में ही आकर नमाज पढने की बात कर रहे थे। वहीं पुलिस की सख्ती के बाद उनके तेवर ठंडे पड़े दिखाई दे रहे हैं। अब जारी किए गए नए ऑडियो में मौलाना अपने समर्थकों और मुसलमानों से सरकारी ओदश का पालन कर भीड़ इकट्ठा नहीं करने की अपील कर रहे हैं। मौलाना ने यह भी अपील की कि मरकज में आए लोग अपने-अपने जिले के अधिकारियों और डॉक्टर के पास जाकर उनका सहयोग करें। हालांकि ऑडियो जारी करने वाले मौलाना साद का फिलहाल कहां आइसोलेशन में हैं, इसका कोई सुराग नहीं है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम मौलाना की तलाश में दिल्ली, यूपी समेत अन्य स्थानों पर नजर रखे हुए है ।नए ऑडियो में मौलाना साद ने खुद के दिल्ली में ही होने और सेल्फ आइसोलेशन में होने का दावा किया है। मौलाना साद ने कहा कि वह डॉक्टरों की सलाह पर सेल्फ आइसोलेशन में हैं। मौलाना ने कहा कि मैं जमात के सभी सदस्यों से अपील करता कि जो जहां हो वह सरकारी आदेश और कानून का पालन करे। मस्जिदों में न जाएं, कहीं भी भीड़ एकत्रित न करें। ऐसा करने से न सिर्फ वह खुद सुरक्षित रहेंगे बल्कि दूसरे लोग भी सुरक्षित रहेंगे। मौलाना ने जमात के सभी लोगों से यह अपील भी की कि वह अस्पताल जाकर अपने-अपने टेस्ट करवाए। हालांकि सरकारी आदेश नहीं मानने के आरोप और मरकज में हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा कर पूरे देश को खतरे में डालने के आरोप में मौलाना साद समेत प्रबंधन से जुड़ी कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। लेकिन मामला दर्ज होते ही मौलाना के सर बदल गए और उसने यु-टर्न लेकर अब लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की है। दूसरी ओर मौलाना साद के वकील ने कहा है कि वह पुलिस अधिकारियों से परा सहयोग कर रहे हैं।