नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के चलते लाग लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के भुगतान को लेकर दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस भेजा है। यह याचिका हर्ष मंदर और अंजलि भारद्वाज ने कोर्ट में दायर की थी ।सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में हर्ष और अंजलि भारद्वाज ने मांग की है कि कोर्ट कोरोना लॉकडाउन के चलते प्रभावित हुए प्रवासी मजदूरों को एक न्यूनतम राशि लेने की दिशा में निर्देश दे टससे पहले लॉकटारन को लेकर टायर एक अन्य याचिका में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि 22 लाख 88 हजार से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ये जरूरतमंद व्यक्ति, प्रवासी और दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्हें आश्रयों में रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन की वजह से पैनिक का हल निकालने के लिए परामर्श प्रदान करने पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है अपने गांव और शहर की ओर निकल रहे थे। इसके बाद बड़ी तादाद में मजदूरों को उनके राज्यों में बसों के जरिए से भेजा गया था तो वहीं दिल्ली सरकार ने भी कई मजदूरों की रहने और खाने की व्यवस्था कराई है। 5 अप्रैल को